उत्तर प्रदेश

हाईकोर्ट : मृत्यु पूर्व बयान पर संदेह के लिए ठोस आधार जरूरी, आजीवन कारावास की सजा बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में कहा कि मृत्यु पूर्व बयान की विश्वसनीयता पर संदेह करने के लिए ठोस आधार होना जरूरी है। केवल मामूली विरोधाभास के आधार पर मृत्यु पूर्व बयान को खारिज नहीं किया जा सकता।

23 अक्टू॰ 2026, 12:31 am0 बार पढ़ा गयास्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में कहा कि मृत्यु पूर्व बयान की विश्वसनीयता पर संदेह करने के लिए ठोस आधार होना जरूरी है। केवल मामूली विरोधाभास के आधार पर मृत्यु पूर्व बयान को खारिज नहीं किया जा सकता।

यह सारांश सार्वजनिक फ़ीड से लिया गया है। पूरी मूल रिपोर्ट पढ़ें: Amar Ujala — Uttar Pradesh

संबंधित खबरें

उत्तर प्रदेश

आगरा में चलना मुश्किल: एक घंटे में पांच मिनट का सफर, पुलिस के पास भी नहीं कोई विकल्प; जाम से जूझ रहे लोग

जाम से जूझते लोगों ने समन्वय की कमी को ठहराया जिम्मेदार, पुलिस के साथ प्रभावी कार्ययोजना की बताई जरूरत।

10 मिनट पहलेस्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश

बीरू मर्डर मिस्ट्री: कानपुर पुलिस का खेल...पहले हादसा फिर हत्या, अब गैर इरादतन हत्या की ली तहरीर, उठे ये सवाल

कानपुर के हनुमंत विहार में बीरू सिंह भदौरिया (37) को कार की छत पर लिटाकर डेढ़ किलोमीटर तक घुमाने और फिर फेंकने के मामले में पुलिस की कार्रवाई और कहानी सवालों के घेरे में है।

11 मिनट पहलेस्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश

यूपी: लखनऊ दौरे में सहयोगी दलों की नाराजगी कम करने की कोशिश करेंगे अमित शाह, कई स्तर पर हैं असंतोष के सुर

Amit Shah Lucknow visit: भाजपा ने एमएलसी और राज्यसभा चुनाव में तमाम नए प्रत्याशी उतारे जिसकी वजह से कई जगहों पर असंतोष के सुर उठने लगे हैं। इसके अलावा सहयोगी दलों में भी नाराजगी है।

14 मिनट पहलेस्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh
विज्ञापन