हाईकोर्ट : मृत्यु पूर्व बयान पर संदेह के लिए ठोस आधार जरूरी, आजीवन कारावास की सजा बरकरार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में कहा कि मृत्यु पूर्व बयान की विश्वसनीयता पर संदेह करने के लिए ठोस आधार होना जरूरी है। केवल मामूली विरोधाभास के आधार पर मृत्यु पूर्व बयान को खारिज नहीं किया जा सकता।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में कहा कि मृत्यु पूर्व बयान की विश्वसनीयता पर संदेह करने के लिए ठोस आधार होना जरूरी है। केवल मामूली विरोधाभास के आधार पर मृत्यु पूर्व बयान को खारिज नहीं किया जा सकता।
यह सारांश सार्वजनिक फ़ीड से लिया गया है। पूरी मूल रिपोर्ट पढ़ें: Amar Ujala — Uttar Pradesh
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