उत्तर प्रदेश

पत्नी के कत्ल को मृत्युदंड: आग की लपटों में घिरी अबला का जीवन खो देना त्रासदी, भाषा में पीड़ा व्यक्त करना कठिन

मुजफ्फरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने लिखा कि कुछ अपराध ऐसे होते हैं, जिनकी गंभीरता को केवल कानूनी धाराओं और साक्ष्य की भाषा में पूरी तरह व्यक्त करना कठिन होता है।

7 सित॰ 2026, 10:57 pm0 बार पढ़ा गयास्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh

मुजफ्फरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने लिखा कि कुछ अपराध ऐसे होते हैं, जिनकी गंभीरता को केवल कानूनी धाराओं और साक्ष्य की भाषा में पूरी तरह व्यक्त करना कठिन होता है।

यह सारांश सार्वजनिक फ़ीड से लिया गया है। पूरी मूल रिपोर्ट पढ़ें: Amar Ujala — Uttar Pradesh

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