उत्तर प्रदेश

हाईकोर्ट : पॉश एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न की समयबद्ध शिकायत पर ही हो सकती है कार्रवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यौन उत्पीड़न की शिकायत पॉश एक्ट-2013 की धारा-9 में निर्धारित समय सीमा के बाहर की जाती है तो उस पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता। ऐसी स्थिति में मामले को नए सिरे से जांच के लिए वापस भेजना भी कानूनन उचित नहीं है।

26 अग॰ 2026, 9:20 pm0 बार पढ़ा गयास्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यौन उत्पीड़न की शिकायत पॉश एक्ट-2013 की धारा-9 में निर्धारित समय सीमा के बाहर की जाती है तो उस पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता। ऐसी स्थिति में मामले को नए सिरे से जांच के लिए वापस भेजना भी कानूनन उचित नहीं है।

यह सारांश सार्वजनिक फ़ीड से लिया गया है। पूरी मूल रिपोर्ट पढ़ें: Amar Ujala — Uttar Pradesh

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