उत्तर प्रदेश

हाईकोर्ट : यौन अपराध के मामले में पीड़िता की गवाही महत्वपूर्ण, पर बिना जांचे-परखे अंतिम सत्य नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यौन अपराध के मामले में पीड़िता की गवाही महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे बिना जांचे-परखे अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। उसकी गवाही की विश्वसनीयता, सच्चाई और परिस्थितियों के अनुरूप होने का आकलन करना जरूरी है।

21 अक्टू॰ 2026, 2:23 am0 बार पढ़ा गयास्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यौन अपराध के मामले में पीड़िता की गवाही महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे बिना जांचे-परखे अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। उसकी गवाही की विश्वसनीयता, सच्चाई और परिस्थितियों के अनुरूप होने का आकलन करना जरूरी है।

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