उत्तर प्रदेश

हाईकोर्ट : शव की बॉक्सर जैसी आकृति व्यक्ति के जिंदा जलाने का सबूत नहीं, आजीवन कारावास की सजा बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जले शव का हाथ-पैर मुड़कर ‘बॉक्सर जैसी आकृति’ में आ जाना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति को जिंदा जलाया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तेज गर्मी से मांसपेशियों के सिकुड़ने से शव में यह आकृति बन सकती है।

30 अग॰ 2026, 10:56 pm0 बार पढ़ा गयास्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जले शव का हाथ-पैर मुड़कर ‘बॉक्सर जैसी आकृति’ में आ जाना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति को जिंदा जलाया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तेज गर्मी से मांसपेशियों के सिकुड़ने से शव में यह आकृति बन सकती है।

यह सारांश सार्वजनिक फ़ीड से लिया गया है। पूरी मूल रिपोर्ट पढ़ें: Amar Ujala — Uttar Pradesh

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