उत्तर प्रदेश

हाईकोर्ट का अहम फैसला : बुजुर्ग की जान-माल को खतरा हो तो बेटे-बहू को घर से बेदखल कर सकता है ट्रिब्यूनल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग की जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी हो तो वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत गठित ट्रिब्यूनल बेटे या अन्य रिश्तेदार को घर से बेदखल करने का आदेश दे सकता है।

10 सित॰ 2026, 8:25 pm0 बार पढ़ा गयास्रोत: Amar Ujala — Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग की जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी हो तो वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत गठित ट्रिब्यूनल बेटे या अन्य रिश्तेदार को घर से बेदखल करने का आदेश दे सकता है।

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